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Thursday, May 26, 2011

शब्द-शक्ति - चित्रयवनिका

शब्द-शक्ति - शेरनाज़ (पुणे,भारत)

तुम्हारे अनकहे शब्द
मेरी आत्मा की बंद किवाडो
पर जोरों की दस्तक देते हैं.
उनके नि:शब्द आक्षेप
मेरे कानों के चुनित वधिरपन
को नष्ट कर देते हैं.
उनकी निर्बाध शक्ति
मेरे अस्तित्व के पटल को
लाचार कर देती है.

शब्द-शक्ति - एवरिल(इज़रायल)

शब्द- कितने छलशील है!
सत्य की परिभाषा को बदल
घृणा एवं असहिष्णुता स्थापित कर दें.
फ़िर भी कभी, जब वे उत्पन्न हों
एक प्रेम-सम्पन्न स्रोत से
बदल के रख दें संसारों को;
लिखित-अलिखित, भाषित:
या तो एक श्राप,
या फ़िर एक वरदान..

शब्द-शक्ति - चित्रयवनिका

शब्द-कितने छलशील हैं!
बिन कहे
सत्य की परिभाषा बदल दें;
आत्मा की बंद किवाडों
पर जोरों की दस्तक दें.
उनके नि:शब्द आक्षेप
घृण एवं असहिष्णुता पैदा करें;
लिखित-अलिखित, भाषित:
किसी के कानों के चुनित वधिरपन
को नष्ट कर दें.
एक श्राप की तरह
किसी के अस्तित्व को लाचार कर दें.
फ़िर भी, जब वे उत्पन्न हों,
एक प्रेम सम्पन्न स्रोत से:
उनकी निर्बाध शक्ति
एक ऐसा वरदान है
जो दुनिया बदल सके..
- Shernaz (Pune) & Avril (Jerusalem)
अनुवादित: दिवाकर ए पी पाल



To know more about this form of poetry, namely "Tapestry"
http://www.boloji.com/index.cfm?md=Content&sd=PoemArticle&PoemArticleID=70

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