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Saturday, May 28, 2011

बदलाव की बयार - चित्रयवनिका

बदलाव की बयार - शरनाज़

इसे बनने दो वह शक्ति
जो बहती है शान्ति के आँचल में.
एक बंधन जो प्रहरी है,
मानवीय भाईचारे का,
एक मोक्षक,
सम्वेदना-वाहक
प्रेम-दूत
मानवता का रक्षक,
स्वागत है! उस बदलाव की बयार का!

बदलाव की बयार - एवरिल

हो रही है,
पौधों मे फ़ुसफ़ुसाहट;
एक नई शुरुआत की,
हमारे अन्तर्मन की कामना,
सच की तलाश की,
एक संज्ञान का जागरण
प्रत्यावर्तन हेतु धरती की पुकार
एक अंदरुनी चाहत
जो है सीमाओं से अनभिज्ञ..

बदलाव की बयार - चित्रयवनिका

स्वागत
है! उस बदलाव की बयार का!
पौधों में,
एक नई शुरुआत की सरसराहट;
एक शक्ति, जो बहती है
शन्ति के परों तले:
एक जागृती
बचाव हेतु, धरती की पुकार.
प्रस्तुत है अब!
एक रक्षक
सम्वेदना-वाहक
सत्यार्थी
प्रेम-दूत;
मोक्षक:
एक अंदरुनी कामना
अंतर्मन में रोपित;
सीमाओं से अनभिज्ञ
एक प्रहरी बंधन
मानवीय भाईचारे का.

अनुवादित: दिवाकर ए पी पाल
Dated 29 May, 2011

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