Search the web

Custom Search

Friday, February 4, 2011

Tu..

तू,

मेरे ख्वाबों में बसी है;

तू,

मेरे होंठों की हँसी है.

तू,

मेरे दिल कि दुआ है;

तुझसे मिलके,

मुझको कुछ हुआ है.

तुझसे ही बंधी है,

मेरे साँसों की डोर;

जाउँ, तो जाउँ कहाँ,

जाउँ जो तुझे छोड.

आजा मेरी बाहों में,

खो जाएँ हम संग;

आओ रंग जायें अब,

दोनों एक ही रंग..

Dated: 4th January,2011

No comments:

Post a Comment